एक बार फिर आओ - डॉ. जयप्रकाश कर्दम

 कवि परिचय : जन्म : 05 जुलाई, 1958; ग्राम—इन्दरगढ़ी, हापुड़ रोड, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)।

शिक्षा : एम.ए. (दर्शनशास्त्र, हिन्दी, इतिहास), पीएच.डी. (हिन्दी)।

सम्मान : केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘महापंडित राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार’, हिन्दी अकादमी दिल्ली द्वारा ‘विशेष योगदान सम्मान’ सहित अनेक साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा|वह दलित साहित्य के एक सशक्त हस्ताक्षर हैं और अपने व्यक्तित्व, सृजनकर्म के बूते अपने समकालीनों में काफी चर्चित और समादृत हैं।एक बहुआयामी प्रतिभावाले साहित्यकार और चिंतक हैं। कविता, कहानी और उपन्यास लिखने के अलावा दलित समाज की वस्तुगत सच्चाइयों को सामने लानेवाली अनेक निबंध व शोध पुस्तकों की रचना व संपादन भी उन्होंने किया है।

एक बार फिर आओ

गौतम एक बार फिर आओ

धम्म,ध्यान,निर्वाण ज्ञान का 

अमृत देते जाओ 

मानवता के चीत्कार को 

नैतिकता के मूल - ह्रास को 

पटनीनमुखी संस्करती,सभयता 

वैमान्यस्यता के विचार को 

जन - मन से दूर भगाओ |

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